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Monday, 13 October 2025

असमंजस में हूँ।


असमंजस में हूँ। 

हैरान हूँ। 


पशु के मास का सेवन करने वालों का 

श्वान के लिए पशुप्रेम देख कर हैरान हूँ। 


गाय को धर्म का प्रतीक मानते हुए 

गौमांस पर विरोध करने वालों का 

कालभैरव के वाहन श्वान के लिए 

नफरत देख कर हैरान हूँ। 


जानवर बनकर 

स्त्री का बलात्कार करते हुए

विकृत लोगों को समाज में

स्वतंत्र घूमते देख कर हैरान हूँ। 


स्त्री जो अपने घर में 

बूढ़े बुज़ुर्ग का खयाल न रखे 

उसे श्वानप्रेम में आतुरित 

प्रदर्शन करते देख कर हैरान हूँ। 


समाज में यह दोगलापन देखकर… 

असमंजस में हूँ। 

हैरान हूँ। 


~ शीतल सोनी 


Friday, 22 October 2021

आठ ईंट

 




मधु १८ साल की थी जब उसकी शादी हो गई थी. ज़्यादा पढ़ लिख नहीं पाई थी कि क्योंकि गरिबी ने शिक्षा से पहले आमदनी का रास्ता दिखा दिया था. वह लोगों के घर बर्तन माँझती थी. शादी के तीन साल में दो बच्चे और पाँच साल बाद पति मर गया. रिश्तेदारों के पैसों की मदद चंद दिन ही चलनी होती है. बच्चों का भरण पोषण करने के लिए वह वापिस काम पर लग गई. फिर आई महामारी. लोगों ने उसको घर आने से मना कर दिया कि बीमारी ऐसे ही फैलती है. गरीब बीमारी से बाद में, भूख से पहले मरता है. एक इमारत बन रही थी वहां पर वह ईंट उठाने का काम करने लगी. सिर पर छः ईंटो के बोझ से अपने पेट का बोझ कम कर रही थी.

इमारत का मालिक एक दिन वहाँ आया. मधु ने हाथ जोड़ कर कहा "पैसे कुछ बढ़ाइए साहिब जी." मालिक ने कहा "छः की जगह आठ ईंट उठाया करो". वह जा कर गाड़ी में बैठ गया. उफ़ यह गर्मी. जेब से मोबाइल निकाला. देखा तो भारत की मीराबाई चनु ने ओलिपमिक में भारोत्तोलन के लिए रजत पदक जीता था. मालिक ने तुरंत ट्वीट किया "कांग्रचुलेशन्स मीराबाई! धिस इस रियल वुमन एम्पावरमेंट!"


~ शीतल सोनी