Monday, 13 October 2025

असमंजस में हूँ।


असमंजस में हूँ। 

हैरान हूँ। 


पशु के मास का सेवन करने वालों का 

श्वान के लिए पशुप्रेम देख कर हैरान हूँ। 


गाय को धर्म का प्रतीक मानते हुए 

गौमांस पर विरोध करने वालों का 

कालभैरव के वाहन श्वान के लिए 

नफरत देख कर हैरान हूँ। 


जानवर बनकर 

स्त्री का बलात्कार करते हुए

विकृत लोगों को समाज में

स्वतंत्र घूमते देख कर हैरान हूँ। 


स्त्री जो अपने घर में 

बूढ़े बुज़ुर्ग का खयाल न रखे 

उसे श्वानप्रेम में आतुरित 

प्रदर्शन करते देख कर हैरान हूँ। 


समाज में यह दोगलापन देखकर… 

असमंजस में हूँ। 

हैरान हूँ। 


~ शीतल सोनी 


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